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पटना के पीएमसीएच, एनएमसीएच और आयुर्वेदिक कॉलेज अस्पताल में बुधवार OPD रोस्टर जारी, मरीजों के लिए पूरी डॉक्टर सूची

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पटना के पीएमसीएच, एनएमसीएच और राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज अस्पताल में बुधवार का OPD रोस्टर जारी किया गया है। इसमें विभिन्न विभागों के डॉक्टरों की ड्यूटी सूची शामिल है, जिससे मरीजों को इलाज में सुविधा मिलेगी।

पटना/आलम की खबर:पटना के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बुधवार का आउटडोर पेशेंट डिपार्टमेंट (OPD) रोस्टर जारी कर दिया गया है। राजधानी के तीन बड़े चिकित्सा संस्थानों—पीएमसीएच, एनएमसीएच और राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज अस्पताल—में हर बुधवार विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ डॉक्टर मरीजों की जांच और उपचार के लिए उपलब्ध रहेंगे। इस रोस्टर के जारी होने के बाद मरीजों को अब पहले से यह जानकारी मिल सकेगी कि किस विभाग में कौन-सा डॉक्टर ड्यूटी पर रहेगा, जिससे इलाज की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और सुचारू हो सकेगी।

स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन के अनुसार OPD शेड्यूल का मुख्य उद्देश्य मरीजों को समय पर सही डॉक्टर तक पहुंचाना और अस्पतालों में भीड़ को नियंत्रित करना है। बुधवार के रोस्टर में दंत रोग, ईएनटी, नेत्र रोग, शिशु रोग, मेडिसिन, सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, स्किन, किडनी, गायनोकोलॉजी समेत कई महत्वपूर्ण विभाग शामिल किए गए हैं।

पीएमसीएच में विशेषज्ञ डॉक्टरों की ड्यूटी

पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (पीएमसीएच) में बुधवार को कई प्रमुख विभागों में वरिष्ठ डॉक्टर मरीजों की जांच करेंगे। दंत रोग विभाग में दांत और मसूड़ों से जुड़ी समस्याओं का इलाज किया जाएगा। ईएनटी विभाग में कान, नाक और गले की बीमारियों के मरीजों को परामर्श मिलेगा।

नेत्र रोग विभाग में आंखों की जांच और इलाज की सुविधा उपलब्ध रहेगी। गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग में पेट और पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याओं का इलाज किया जाएगा। कैंसर और मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग में गंभीर मरीजों की जांच की जाएगी।

गायनोकोलॉजी विभाग में महिलाओं से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाएं दी जाएंगी, जबकि मेडिसिन, ऑर्थोपेडिक्स, शिशु रोग और स्किन विभाग में भी नियमित रूप से मरीजों का इलाज किया जाएगा। किडनी रोग विभाग में विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध रहेंगे, जहां गुर्दे से जुड़ी बीमारियों का उपचार किया जाएगा।

एनएमसीएच में व्यापक OPD व्यवस्था

नालंदा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एनएमसीएच) में भी बुधवार को विभिन्न विभागों के डॉक्टरों की ड्यूटी तय की गई है। यहां दंत रोग, न्यूरोसर्जरी, नेत्र रोग, टीबी एवं चेस्ट, गायनोकोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, ईएनटी, प्लास्टिक सर्जरी और ऑर्थोपेडिक्स विभाग में मरीजों का इलाज किया जाएगा।

मेडिसिन और सर्जरी विभाग में सामान्य से लेकर गंभीर बीमारियों तक का उपचार उपलब्ध रहेगा। शिशु रोग विभाग में बच्चों की जांच की जाएगी, जबकि कैंसर विभाग में मरीजों की विशेष देखभाल की जाएगी। प्रिवेंटिव क्लिनिक में रोगों की रोकथाम और स्वास्थ्य जागरूकता पर सलाह दी जाएगी।

एनएमसीएच में OPD व्यवस्था को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि मरीजों को कम समय में बेहतर इलाज मिल सके और भीड़ का दबाव कम हो।

आयुर्वेदिक कॉलेज अस्पताल में पारंपरिक चिकित्सा सेवाएं

राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज अस्पताल में बुधवार को आयुर्वेदिक चिकित्सा सेवाओं के लिए OPD संचालित किया जाएगा। यहां काय चिकित्सा, पंचकर्म, शल्य चिकित्सा, स्त्री एवं प्रसूति रोग, बाल रोग, ईएनटी, नेत्र रोग और डेंटल विभाग में मरीजों की जांच की जाएगी।

पंचकर्म विभाग में शरीर की शुद्धि और प्राकृतिक उपचार की सुविधाएं दी जाएंगी। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जाएगा।

योग और स्वस्थ्य विभाग में मरीजों को जीवनशैली सुधार और प्राकृतिक चिकित्सा के बारे में सलाह दी जाएगी। आयुर्वेदिक पद्धति से इलाज के इच्छुक मरीजों के लिए यह अस्पताल एक महत्वपूर्ण केंद्र है।

OPD रोस्टर का महत्व

इस तरह का OPD रोस्टर मरीजों और अस्पताल प्रशासन दोनों के लिए बेहद उपयोगी होता है। मरीज पहले से अपनी बीमारी के अनुसार डॉक्टर का चयन कर सकते हैं और उसी दिन अस्पताल पहुंच सकते हैं। इससे समय की बचत होती है और अनावश्यक भीड़ भी कम होती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित OPD शेड्यूल से सरकारी अस्पतालों की कार्यक्षमता बढ़ती है और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलती हैं। यह व्यवस्था विशेष रूप से उन मरीजों के लिए फायदेमंद है जो दूर-दराज के क्षेत्रों से इलाज के लिए आते हैं।

निष्कर्ष

पटना के पीएमसीएच, एनएमसीएच और राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज अस्पताल में जारी बुधवार OPD रोस्टर से मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। अब मरीज पहले से यह जान सकेंगे कि किस विभाग में कौन-सा डॉक्टर उपलब्ध है और उसी के अनुसार अपनी चिकित्सा योजना बना सकेंगे। यह व्यवस्था बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत और व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।

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